विराट कोहली की कप्तानी में खेल रहे हैं महेंद्र सिंह धोनी।  © Getty Images
विराट कोहली की कप्तानी में खेल रहे हैं महेंद्र सिंह धोनी। © Getty Images

भारत बनाम इंग्लैंड सीरीज में पहली बार विराट कोहली टीम इंडिया के स्थाई कप्तान की भूमिका में नज़र आए। कोहली बतौर फुल टाइम कप्तान अपनी पहली वनडे सीरीज भी जीत ली। बतौर कप्तान कोहली ने अच्छा प्रदर्शन किया वहीं कई मौकों पर कोहली को महेंद्र सिंह धोनी की मदद की जरूरत पड़ी थी। जैसा कि धोनी ने कहा था कि वह कोहली की हर संभव मदद करेंगे उन्होंने मैच में भी वैसा ही किया। लेकिन कोलकाता वनडे में एक मौका ऐसा आया था जब कोहली ने धोनी की बात को पूरी तरह नज़रअंदाज किया और इसका उन्हें खामियाजा भी भुगतना पड़ा। ईडन गार्डन पर खेले गए तीसरे वनडे में जसप्रीत बुमराह ने ओवर की दूसरी गेंद पर इंग्लैंड के कप्तान इयॉन मॉर्गन के आउट की अपील की जिसे फील्ड अंपायर ने ठुकरा दिया। इसके बाद कोहली ने धोनी के मना करने के बाद भी डीआरएस लिया और भारत का एक रिव्यू खराब चला गया। ये भी पढ़ें: अश्विन-जडेजा इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से बाहर

वनडे में एक पारी में हर टीम को एक रिव्यू मिलता है जो कोहली की जल्दबाजी की वजह से खराब चला गया। इससे पहले पुणे और कटक में धोनी ने टीम के लिए रिव्यू लिए थे और दोनों ही सही साबित हुए। पुणे में जब हार्दिक पांड्या की गेंद पर धोनी ने मॉर्गन के कैच आउट की अपील की थी और अंपायर ने इसे नकार दिया था। तब धोनी ने बिना कोहली से पूछे बिना डीआरएस ले लिया था और रिव्यू में धोनी सही साबित हुए और मॉर्गन का अहम विकेट भारत को मिला था। वहीं कटक में जब युवराज सिंह के साथ मिलकर धोनी धमाकेदार बल्लेबाजी कर रहे थे, तब अंपायर ने यूवी को विकेट के पीछे कैच आउट दिया था और धोनी ने युवराज से डीआरएस लेने के लिए कहा। रिव्यू में दिखा कि गेंद बल्ले से लगी ही नहीं थी। युवराज बच गए और उन्होंने भारत के लिए 150 रन की शानदार पारी खेली थी। ये भी पढ़ें: लगातार फ्लॉप होती सलामी जोड़ी टीम इंडिया की परेशानी की वजह

सीरीज शुरू होने से पहले कोहली ने कहा था कि वह डीआरएस को लेकर धोनी की बात मानेंगे और धोनी ने भी कहा था कि वह मैदान पर कोहली की मदद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि धोनी की 95 प्रतिशत डीआरएस अपील सही साबित होती हैं। चूंकि धोनी विकेटकीपर हैं इसलिए हर गेंद पर उनकी बारीक नज़र रहती हैं। कई बार अंपायर के लिए भी फैसला लेना मुश्किल होता है लेकिन कीपर के लिए स्थिति को समझना आसना होता है। उम्मीद है इस वाकए के बाद कोहली कभी भी धोनी को नज़रअंदाज नहीं करेंगे।