Indian team didn’t consider the dew factor, says Smriti Mandhana
Smriti Mandhana © Getty Images

इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में भारतीय स्पिन गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन की एक वजह ओस थी। टीम इंडिया ने टूर्नामेंट की लीग स्टेज के अपने सारे मैच दोपहर में खेले थे और सेमीफाइनल मैच में वो पहली बार फ्लडलाइट्स के रोशनी में खेले। भारतीय टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना का कहना है कि टीम ने ओस फैक्टर के बारे में सोचा ही नहीं था।

मंधाना ने कहा, “हमने ओस के प्रभाव के बारे में सोचा ही नहीं। हमने 11 बजे वाले मैच खेले थे और एक भी 8 बजे का मैच नहीं खेला था। यहां तक कि जब हमने अभ्यास किया, तब भी ओस नहीं दिखी, इसलिए हमने इस बारे में सोचा हाी नहीं कि ये मैच पर प्रभाव डाल सकती है। लेकिन ओस ने बड़ा प्रभाव डाला, जैसे कि हमारी गेंद स्पिन होने के बजाय रुककर आने लगी।” इसी कारण भारतीय गेंदबाज 113 के लक्ष्य को बचाने में असफल रहे और इंग्लैंड ने 17.1 ओवर में केवल 2 विकेट खोकर ये मैच जीत लिया।

उप कप्तान ने भारतीय फील्डिंग पर भी बात की। लीग मैचों में सफल रही एकतरफा फील्ड सेमीफाइनल में आक्रामक साबित नहीं हो सकी। इस बारे में मंधाना ने कहा, “हम सिंगल बचाने के लिए घेरे के अंदर और फील्डर लगा सकते थे, जिससे हम उन्हें हवा में शॉट खेलने के लिए उकसा सकते थे। क्योंकि उस मैच में विकेट ही हमे जीत दिला सकते थे, 20 ओवर खेलना नहीं। मुझे लगता है कि हम और बेहतर कर सकते थे।”

मंधाना ने आगे कहा, “जाहिर है कि पिछले तीन महीनों में इस चीज ने हमारे हक में काम किया। सेमीफाइनल में जो हुआ, अगर आप उसे छोड़ दें तो जिस तरह से पिछले तीन महीनों में हमने बतौर टीम प्रदर्शन किया है वो बेहतरीन रहा है। किसी ने हमारे विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद नहीं की थी।”

भारतीय महिला टीम के नए कोच के बारे में बात करते हुए उप-कप्तान ने कहा, “रमेश ने हर खिलाड़ी को खास भूमिकाएं दी है और ये श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया ए और चार लीग मैचों को मिलाकर पिछले 14 मैचों में काम आया है। आप अगर एक मैच हारते हैं तो आप उस वजह से अपनी रणनीति नहीं बदल सकते हैं। आगे बढ़ते हुए, एक शख्स को एक खास भूमिका देना सही है या फिर अगर वो शख्स अपनी भूमिका नहीं निभा पा रहा है तो आप दूसरे खिलाड़ियों पर नजर डाल सकते हैं जो उस भूमिका को अच्छे से निभा सकेंगे।”