रणजी ट्रॉफी में झारखंड के सबसे सफल बल्लेबाज है सौरभ तिवारी। © Getty Images (File Photo)
रणजी ट्रॉफी में झारखंड के सबसे सफल बल्लेबाज है सौरभ तिवारी। © Getty Images (File Photo)

साल 2008 की विजेता अंडर-19 टीम की बात अब पुरानी हो चुकी है। उस टीम के दो खिलाड़ी विराट कोहली और रवींद्र जडेजा आज भारतीय टीम के अहम खिलाड़ी हैं। साथी ही इस टीम का हिस्सा रहे मनीष पांडे भी अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू कर चुके हैं। लेकिन एक ऐसा खिलाड़ी भी है जो अब तक इस लाइमलाइट से दूर है वह है सौरभ तिवारी। सौरभ चयनकर्ताओं की नज़र से दूर रणजी में झारखंड टीम के लिए बल्लेबाजी कर रहे हैं। सौरभ को अंतर्राष्ट्रीय टीम में खेल सात साल हो चुके हैं। सौरभ झारखंड टीम के सबसे बढ़िया बल्लेबाजों में से एक हैं। ये भी पढ़ें: साल 2016 में भारतीय बल्लेबाजी के पांच सबसे यादगार पल

रणजी के आखिरी पांच सत्रों में तिवारी ने 5000 से ज्यादा रन बनाए हैं। अब तिवारी गुजरात के साथ होने वाले सेमीफाइनल मैच की तैयारी कर रह हैं। ईएसपीएन क्रिकइंफो से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह बताना कठिन है कि किसी शख्स के लिए नकारात्मकता से बाहर आना कठिन होता है। इस बात में काफी समय लगता है लेकिन यह छोड़े हुए कैच की तरह है। अगर आप एक बार उसे पकड़ सकते है तो दोबारा भी कर सकते हैं। मैं एक बार भारतीय टीम में आ चुका हूं और वापसी भी कर सकता हूं।” न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने दूसरे अंतर्राष्ट्रीय वनडे में तिवारी ने यूसुफ पठान के साथ मिलकर मैचविनिंग साझेदारी बनाई थी। इस सीरीज के बाद सौरभ को भारतीय टीम में नहीं देखा गया। तिवारी का मानना है कि रणजी में प्रदर्शन के बल पर वह दोबारा भारतीय टीम में जगह बना सकते हैं। ये भी पढ़ें:साल 2016 में क्रिकेटरों द्वारा किए 10 सबसे खास ट्वीट

इस बारे में उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य हमेशा ही भारतीय टीम में वापसी करना ही रहेगा। लेकिन अंत में मुझे सत्र के सफलतापूर्वक खत्म होने पर खुशी मनानी चाहिए। जब मै शीशे के सामने खुद को देखूं तो मुझे पता होना चाहिए कि मैने जो भी इस सत्र में किया पूरी ईमानदारी के साथ किया।” सेमीफाइनल मुकाबले में तिवारी अपना सौ प्रतिशत देकर झारखंड को फाइनल में पहुंचाना चाहते हैं।