Ramesh Power is not Mithali Raj’s enemy: Madan Lal
Ramesh Powar (File Photo) © AFP

आईसीसी महिला वर्ल्‍ड टी-20 के सेमीफाइनल मुकाबले से बाहर किए जाने पर मिताली राज का बीसीसीआई को लिखा पत्र मीडिया में आने के बाद से ही कोच रमेश पोवार और मिताली के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया है।

मिताली ने अपने पत्र में लिखा था कि रमेश पोवार उनका करियर खत्‍म कर देना चाहते हैं। पोवार की तरफ से इसपर कहा गया कि सलामी बल्‍लेबाज के तौर पर नहीं उतारने पर मिताली ने महिला वर्ल्‍ड टी-20 के बीच में ही रिटायरमेंट की धमकी दी थी।

इस मामले में पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने कहा, “खेल के हित में कभी-कभी मुश्किल निर्णय लेने पड़ते हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को इन्‍हें व्‍यक्तिगत नहीं बनाना चाहिए। रमेश पोवर मिताली राज का कोई दुश्‍मन नहीं है। मिताली को चाहिए कि वो एक दूसरे पर कीचड़ उछालने की जगह रमेश पोवार के साथ मिलकर खुद को टी-20 फॉर्मेट में ढालने के लिए एडजस्‍ट करे।”

मदन लाल ने कहा, “अगर आप बार-बार ऐसे ही कोच बदलते रहेंगे तो बेहतर होगा कि आप एक डमी को कोच बना लें जो केवल खिलाड़ियों की बात सुने और उसी पर अपनी प्रतिक्रिया दे। कोच टीम का एक हिस्‍सा है। वो निर्णय लेता है जिसे टीम के सभी खिलाड़ियों को मानना चाहिए। कप्‍तान हरमनप्रीत कौर और कोच रमेश पोवर ने मिलकर निर्णय लिए। केवल पोवार को ही टार्गेट क्‍यों किया जा रहा है। चयनकर्ता भी निर्णय का हिस्‍सा हैं। ऐसे में पोवर को पद से हटाने की कोई जरूरत नहीं है। इस तरह से हम खेल को आगे नहीं ले जा पाएंगे।”

मदन लाल ने कहा, अगर कल रवि शास्‍त्री किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर बैठाने का निर्णय लेते हैं तो क्‍या उन्‍हें भी टीम से बाहर कर देना चाहिए। चीजें इस तरह से नहीं चल पाएंगी। कोच पर भी काफी दबाव होता है। किसी को बाहर बैठाने से पहले परफॉर्मेंस हमेशा से ही दिमाग में रहती है। आप किसी को भी उठाकर टीम से बाहर नहीं कर सकते हैं। मैं अच्‍छा प्रदर्शन करने में विश्‍वास रखता हूं। अब बोर्ड को इसपर अपना आकलन करना चाहिए।”