watch how sneh rana bowled last over against england in cwg women t20i semi final match
indian women team (BCCI)

बर्मिंगम: भारतीय महिला टीम ने इतिहास रच दिया है। बर्मिंगम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार महिला क्रिकेट को शामिल किया गया। और हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम CWG 2022 के महिला क्रिकेट के गोल्ड मेडल मुकाबले में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। शनिवार को फाइनल में उसने मेजबान इंग्लैंड को रोमांचक मुकाबले में चार रन से हरा दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्मृति मंधना के 31 गेंद पर 62 रन की मदद से 164 का स्कोर बनाया। इंग्लैंड की टीम छह विकेट पर 160 रन तक ही पहुंच सकी। आखिरी ओवर में स्नेह राणा ने गजब का धैर्य, संयम, एकाग्रता और सटीकता दिखाते हुए इंग्लैंड को जीत से वंचित रखा। इंग्लैंड को आखिरी ओवर में 14 रन चाहिए थे। और राणा ने ऐसा नहीं होने दिया। जीत के बाद राणा सोशल मीडिया पर ट्रेंड भी होने लगीं। आइए देखते हैं आखिरी ओवर का रोमांच…

ओवर शुरू होने से पहले ही भारत के लिए मुश्किलें शुरू हो गईं। चूंकि टीम निर्धारत समय में 20 ओवर पूरे नहीं कर पाई थी इस वजह से वह आखिरी ओवर में सिर्फ तीन फील्डर 30 गज के घेरे के बाहर रख सकती थी। क्रिकेट के नियमों में हाल ही में यह बदलाव किया गया है। और कॉमनवेल्थ गेम्स में इसे अपनाया गया है।

एक स्पिनर को आखिरी ओवर देना रिस्क हो सकता है लेकिन हरमनप्रीत ने राणा पर भरोसा जताया। दबाव इंग्लैंड पर भी था और राणा ने इसका फायदा उठाया।

ओवर की पहली गेंद माया बुचर को। कोई रन नहीं। यह ऑफ स्टंप के बाहर यॉर्कर थी। बुचर ने गेंद तक पहुंचना चाहा। उनकी कोशिश गेंद को स्क्वेअर ड्राइव करने की थी। लेकिन वह असफल रहीं। कीपर ने गेंद को पकड़ लिया।

अगली गेंद पर एक रन। बल्लेबाज ने गेंद को मिड-ऑफ की ओर धकेल कर एक रन पूरा किया।

राणा की गेंद कैथरीन ब्रंट को। और भारत को सफलता। ओवर की यह तीसरी गेंद लेग स्टंप पर फुल टॉस थी। ब्रंट ने जगह बनाकर गेंद को मिड-ऑफ के ऊपर से खेलना चाहा लेकिन हरमनप्रीत कौर ने कोई गलती नहीं की। उन्होंने सर्कल के बाहर गेंद को लपका।

चौथी गेंद

लॉन्ग ऑन पर इंग्लैंड को मिला जीवनदान

एक्लस्टन के पास कोई विकल्प नहीं था सिवाय इसके कि वह आते ही बड़े शॉट खेलने लग जाएं। अपनी पहली ही गेंद पर उन्होंने कोशिश की। लेकिन सिर्फ एक रन। लॉन्ग ऑन पर हरलीन देओल ने कैच छोड़ा। वह जैमिमा रोड्रिक्स की जगह फील्डिंग कर रही थीं।

अब इंग्लैंड को दो गेंदों पर 12 रन चाहिए थे। यानी दो छक्के और इससे कम कुछ नहीं।

पांचवीं गेंद

राना की बुचर को, एक रन। भारत अब यह मैच हार नहीं सकता था। बशर्ते कोई नो-बॉल न हो। फुल गेंद पर लॉन्ग ऑन पर एक रन बना।

आखिरी गेंद

छह रन। लॉन्ग ऑन के ऊपर से सिक्स। लेकिन इंग्लैंड के लिए यह काफी नहीं और भारतीय खेमे में जश्न का माहौल। खिलाड़ी एक दूसरे से गले लगकर इतिहास के गवाह बनते हुए।