Hardik Pandya, KL Rahul returned to form; David Warner ring danger bells ahead of World Cup
केएल राहुल, हार्दिक पांड्या (BCCI)

इंडियन प्रीमियर लीग के 12वें सीजन में भारतीय क्रिकेटरों ने हार्दिक पांड्या और केएल राहुल ने मैदान से बाहर के विवादों को भुलाकर शानदार प्रदर्शन किया जबकि डेविड वार्नर ने विश्व कप से पहले विरोधी टीमों के लिए खतरे की घंटी बजा दी और 40 बरस के इमरान ताहिर ने उम्र को धता बताते हुए आईपीएल के 12वें सीजन में अपनी फिरकी का परचम लहराया।

‘बूढे घोड़ों की फौज’ कही जाने वाली महेंद्र सिंह धोनी की टीम फाइनल तक पहुंची। मुंबई इंडियंस को लगातार अच्छे प्रदर्शन का फल मिला। इस सीजन में 30 से ज्यादा मैच आखिरी ओवर में जाकर खत्म हुए। विश्व कप वाले वर्ष में फोकस अंतरराष्ट्रीय सितारों, उनके फार्म और फिटनेस पर था। खिताब के प्रबल दावेदार भारत के लिए सबसे बड़ा फायदा हार्दिक और राहुल का प्रदर्शन रहा।

टीवी शो पर अनर्गल बयानबाजी के कारण अस्थाई प्रतिबंध झेलकर लौटे हार्दिक और राहुल ने पूरी ऊर्जा अच्छे प्रदर्शन पर लगाई। विश्व कप से पहले भारतीय टीम के लिये यह अच्छा संकेत है। किंग्स इलेवन पंजाब प्लेआफ में नहीं पहुंच सकी लेकिन राहुल ने 593 रन बनाए और वो डेविड वार्नर (692) के बाद सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे।

खुली बस में प्रशंसकों के साथ जश्न मनाएगी मुंबई टीम

हार्दिक एक बार फिर ‘गेम चेंजर’ या ‘एक्स फैक्टर’ बनकर उभरे। उन्होंने 191 से अधिक की स्ट्राइक रेट से 402 रन बनाये , 14 विकेट लिए और 11 कैच लपके। डेविड वार्नर ने 692 रन बनाकर शानदार वापसी की। उनके पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ आखिरी मैचों में लय में लौटे। उन्हें विश्व कप से पहले आईपीएल खेलने भेजने का ऑस्ट्रेलियाई टीम मैनेजमेंट का फैसला सही साबित होता नजर आ रहा है।

टीम प्रबंधन मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह के कार्यभार को लेकर चिंतित होगा लेकिन दोनों ने 19-19 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित कर दी। कगिसो रबाडा ने 25 विकेट लिए और कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ सुपर ओवर तक खिंचे मैच में उनके छह यार्कर लंबे समय तक लोगों को याद रहेंगे।

शानदार प्रतिभा हैं लेग स्पिनर राहुल चाहर : सचिन तेंदुलकर

टूर्नामेंट से पहले कलाई के स्पिनरों कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को लेकर काफी हाइप बनाई गई थी लेकिन दोनों पर भारी पड़े 40 बरस के ताहिर। उनकी पारंपरिक लेग ब्रेक और गुगली बल्लेबाजों के लिए जी का जंजाल बन गई थी जिसके दम पर उन्होंने परपल कैप भी जीती।

वेस्टइंडीज के लिये खुशी की बात आंद्रे रसेल का फार्म रही होगी जिन्होंने अकेले दम पर केकेआर के लिए मोर्चा संभालकर 510 रन बनाये और 11 विकेट लिए।