एमएस धोनी और केविन पीटरसन  © AFP
एमएस धोनी और केविन पीटरसन © AFP

इंडियन प्रीमियर लीग हर साल क्रिकेट को एक नए रूप में पेश करता है। इस टूर्नामेंट में चौके- छक्के तो लगते ही हैं। साथ ही कॉमेंटेटर और खिलाड़ियों के बीच हल्की- फुल्की नोंक- झोंक दर्शकों को आनंद से सराबोर कर देती हैं। गुरुवार को मुंबई इंडियंस और पुणे सुपरजाइंट के बीच पुणे में मैच खेला गया। इस मैच में जब एमएस धोनी की टीम फील्डिंग कर रही थी तभी पहली स्लिप पर फील्डिंग कर रहे मनोज तिवारी कॉमेंटेटर केविन पीटरसन से माइक्रोफोन पर बात कर रहे थे। इस दौरान पीटरसन ने मनोज से कहा, “मनोज एमएस से कहो कि मैं उनसे बेहतर गोल्फर हूं।” मनोज इस दौरान एक गेंद फेंके जाने के बाद पीटरसन का संदेश धोनी को देते हुए देखे गए।

धोनी माइक्रोफोन की ओर झुके और प्रत्युत्तर देते हुए कहा, “लेकिन आप मेरे इकलौते टेस्ट विकेट हो।” धोनी के इस जवाब के बाद पीटरसन हंस- हंसकर लोटपोट हो गए। रिकॉर्ड पर नजर दौड़ाएं तो पता चलता है कि धोनी ने साल 2011 में लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ गेंदबाजी की थी। उन्होंने पीटरसन के खिलाफ विकटों के पीछे लपके जाने की जोरदार अपील की थी और बाद में डीआरएस भी लिया था लेकिन अंततः पीटरसन को नॉट आउट करार दिया गया था। धोनी के नाम टेस्ट क्रिकेट में कोई विकेट नहीं है। धोनी के नाम वनडे क्रिकेट में एक विकेट है। [ये भी देखें- पुणे सुपरजायंट बनाम मुंबई इंडियंस मैच का स्कोरकार्ड]

मुंबई इंडियंस बनाम राइजिंग पुणे सपरजाइंट मैच में आरपीएस ने अंतिम ओवर में एक गेंद शेष रहते हुए 7 विकेट से जीत दर्ज की। प्लेयर ऑफ द मैच स्टीवन स्मिथ ने सबसे ज्यादा 54 गेंदों में नाबाद 84 रन बनाए। उनके अलावा अजिंक्य रहाणे ने 60 रनों की पारी खेली। मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 184 का स्कोर बनाया था जवाब में आरपीएस ने 3 विकेट पर 187 रन बनाकर मैच जीत लिया।