Mohammad Amir takes a dig at Misbah ul Haq and Waqar Younis; ‘Put an end to this scary dressing room culture in paksitan’
मोहम्मद आमिर (IANS)

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर चुके पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने पाक क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम के ‘खतरनाक’ कल्चर को खत्म करने की मांग की। याद दिला दें आमिर ने भी टीम मैनेजमेंट के साथ विवाद के बाद क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया था।

गुरुवार को दिए बयान में आमिर ने कहा, “खिलाड़ियों को थोड़ा स्पेस और आजादी दें। ड्रेसिंग रूम के इस खतरनाक कल्चर को खत्म करें, यही खिलाड़ी आपके लिए मैच जीतते हैं।”

आमिर ने पिछले महीने संन्यास का ऐलान करने के साथ पाक टीम मैनेजेमेंट पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। आमिर ने मुख्य कोच मिसबाह उल हक और गेंदबाजी कोच वकार यूनिस के साथ विवाद की बात भी कही।

आमिर के मुताबिक उनके प्रदर्शन नहीं बल्कि निजी विवादों की वजह से उन्हें टीम से बाहर किया गया था। उन्होंने कहा, “बात मेरे प्रदर्शन की नहीं थी, मुझे पता था कि मैं मजबूत कमबैक कर सकता हूं लेकिन बात उस मानसिक प्रताड़ना थी जो उन्होंने मुझे दी।”

सिडनी टेस्ट: टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाजों को सस्ते में समेटा

28 साल के आमिर ने कहा कि अगर कोच प्रदर्शन की बात कर रहे हैं, तो उन्हें ये भी बताना चाहिए कि बांग्लादेश प्रीमियर लीग में 21 विकेट लेने के बदूसरे दिन ही उन्हें ड्रॉप क्यों किया गया। उन्होंने कहा, “अगर ये निजी विवाद नहीं है तो और क्या है।”

आमिर ने मिसबाह के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें पूर्व कप्तान ने कहा था उनकी गति कम हो गई है। उन्होंने कहा, “मेरी गति कम हुई क्योंकि मैं पूरी तरह फिट नहीं था और थका हुआ था। जब मैं लंका प्रीमियर लीग में खेलने गया तो मैं तरोताजा था और 145 की गति से गेंदबाजी कराई।”

मिसबाह और वकार के बारे में उन्होंने कहा, “एक कोच (वकार) कहता है कि गति से फर्क नहीं पड़ता, जरूरी हैल कि 20 विकेट लिए जाएं और दूसरा कोच (मिसबाह) कहता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गति अहम है।”