भारतीय टीम © AFP
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भारत के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और आईपीएल में करोड़ों रुपये में बिकने वाले पवन नेगी को दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में डायरेक्ट एडमिशन नहीं मिल पाया। नेगी को अब एडमिशन लेने के लिए ट्रायल देना होगा। डीयू में एडमिशन शुरू हो गए हैं। डीयू में स्पोर्ट्स कोटा 5 फीसदी होता है। ज्यादातर छात्रों को इस कोटे के तहत एडमिशन के लिए ट्रायल देना होता है, हालांकि कुछ छात्रों को डायरेक्ट एडमिशन भी मिल जाता है। ये भी पढ़ें: बल्लेबाजी से पहले किताब क्यों पढ़ती हैं मिताली राज? हो गया खुलासा

डीयू के नियम के मुताबिक डायरेक्ट एडमिशन सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों को मिलता है जिन्होंने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्व कप, विश्व चैंपियनशिप, एशियन चैंपियनशिप, साउथ एशियन गेम्स, पैरालंपिक गेम्स में भाग लिया हो। भारत की तरफ से 1 टी20I खेल चुके नेगी ने भी डीयू में डायरेक्ट एडमिशन के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उनके आवेदन में कुछ गतलियों की वजह से अब उन्हें ट्रायल देना पड़ेगा।

आपको बता दें कि हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक डीयू स्पोर्ट्स काउंसिल के डायरेक्टर ने बताया कि नेगी ने जो डॉक्यूमेंट जमा किए हैं उनमें उन्होंने लिखा है कि उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में हिस्सा लिया है। विजय हजारे ट्रॉफी राष्ट्रीय स्तर का टूर्नामेंट है। डायरेक्टर ने ये भी कहा कि अब नेगी को ट्रायल देना होगा।

आपको बता दें कि नेगी ने भारत की तरफ से साल 2016 में यूएई के खिलाफ 1 टी20I मैच खेला था। नेगी को एकमात्र टी20I में बल्लेबाजी का कोई मौका नहीं मिला था। हालांकि उन्होंने गेंदबाजी करते हुए 1 विकेट झटका था। इसके अलावा आईपीएल-10 में नेगी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर का हिस्सा था। नेगी ने साल 2017 में बैंगलोर की तरफ से शानदार खेल दिखाया था।