इंडियन प्रीमियर लीग 2020 (Indian Premier League 2020) के 13वें सीजन के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 19 दिसंबर को कोलकाता में होगी. सभी फ्रेंचाइजी टीमों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है. खिलाड़ी भी अलग-अलग टूर्नामेंट में खेलकर खुद को फ्रेंचाइजी की नजरों में जगह बना रहे हैं.

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आईपीएल (IPL 2020) के इतिहास में पहली बार कोलकाता नीलामी की मेजबानी करेगा. फ्रेंचाइजी के पास खिलाड़ियों को रिलीज और रिटेन करने की आखिरी तारीख 15 नवंबर, 2019 थी.

हर बार की तरह इस बार भी कई टीमों ने उम्मीद के मुताबिक खिलाड़ियों को रिलीज किया तो कइयों को टीम में बरकरार भी रखा. आइए जानते हैं उन 3 भारतीय खिलाड़ियों के बारे में जिन्हें फ्रेंचाइजी की ओर से रिटेन किए जाने पर सबकों हैरानी हुई.:-

कमलेश नागरकोटि (Kolkata Knight Ridesrs)

भारत के दाएं हाथ के युवा तेज गेंदबाज कमलेश नागरकोटि पहली बार आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप 2018 (ICC Under-19 Cricket World Cup 2018) में अपनी धारदार गेंदबाजी को लेकर सुर्खियों में आए. नागरकोटि रातोंरात सबकी आंखों के तारे बन गए जब उन्होंने न्यूजीलैंड में विश्व कप जैसे मेगा टूर्नामेंट में 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की.

नागरकोटि के इस बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए कोलकाता नाइटराइडर्स (Kolkata Knight Riders) ने उसी वर्ष आईपीएल की नीलामी में उन्हें अपने साथ 3.2 करोड़ में जोड़ा.

इसके बाद नागरकोटि के आईपीएल 2018 (IPL 2018) के शुरू होने से पहले पैर में फ्रैक्चर हो गया. इसकी वजह से वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए. चोट ने इसके बाद भी उनका पीछा नहीं छोड़ा और वह 2019 में भी नहीं खेले. नागरकोटि को फर्स्ट क्लास मैच खेले हुए एक साल से ज्यादा का समय हो गया है. ऐसे में नाइटराइडर्स (KKR) नागरकोटि को रिटेन करना समझ से परे है.

गुरकीरत मान (Gurkeerat Mann)

गुरकीरत मान एक ऑलराउंडर हैं जिन्होंने आईपीएल 2018 में किंग्स इलेवन पंजाब (Kings XI Punjab) की ओर से खेला था जबकि पिछले सीजन 2019 वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (Royal Challengers Bangalore) के हिस्सा थे.

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दाएं हाथ के बड़े-बड़े चौके और छक्के लगाने में माहिर यह बल्लेबाज स्पिन गेंदबाजी में भी माहिर है. गुरकीरत टीम इंडिया की ओर से भी खेल चुके हैं.

आईपीएल (IPL) में गुरकीरत का बल्ला उस तरह से नहीं बोला है जैसा की उन्होंने घरेलू क्रिकेट में कारनामा किया है. आईपीएल के पिछले एडिशन में आरसीबी (RCB) ने उन्हें महज 3 मैच में ही खेलने का मौका दिया जिसमें उन्होंने 33 की औसत से कुल 98 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderbad) के खिलाफ 65 रन की पारी भी खेली.

उपरोक्त आंकड़ों को देखते हुए यह समझना मुश्किल है कि फ्रेंचाइजी ने आखिर क्यों उन्हें टीम के साथ बनाए रखा.

श्रीवत्स गोस्वामी (Shreevats Goswami)

बंगाल के विकेटकीपर बल्लेबाज श्रवत्स गोस्वामी उस अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम के हिस्सा थे जब विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी में टीम चैंपियन बनी थी. उस समय श्रीवत्स को उच्च कोटि का विकेटकीपर बल्लेबाज माना जाता था. लेकिन उन्हीं के राज्य के अन्य विकेटकीपर रिद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) के आगे वह ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके.

घरेलू क्रिकेट में श्रीवत्स को साहा के उपर कम तरजीह मिली. वो भी तब जब साहा इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए टीम इंडिया के साथ होते थे तब श्रीवत्स को राज्य की टीम में विकेटकीपर का मौका मिलता था.

श्रीवत्स का आईपीएल करियर कुछ खास नहीं रहा है. पिछले कुछ साल वह एक से दूसरे फ्रेंचाइजी टीम में आते-जाते रहे. वर्ष 2018 में श्रीवत्स को सनराइजर्स हैदराबाद ने अपने साथ जोड़ा जहां पहले से दो वर्ल्ड क्लास विकेटकीपर के रूप में साहा और जॉनी बेयरस्टो (Jonny Bairstow)  मौजूद थे. गोस्वामी को आरसीबी ने रिटेन किया है. ऐसे में फिर उन्हें 2020 आईपीएल सीजन में भी अधिकतर समय बेंच पर बैठे हुए देखा जा सकता है.