Players who can make Team India’s middle order stronger
Manish Pandey, Shreyas Iyer, Rishabh Pant, Shubman Gill

इंग्‍लैंड में संपन्‍न 12वें वनडे विश्‍व कप में भारतीय क्रिकेट टीम के शीर्ष क्रम के बल्‍लेबाजों ने अपना दबदबा कायम रखा। ओपनर रोहित शर्मा ने रिकॉर्ड 5 शतक लगाए जबकि कप्‍तान विराट कोहली ने लगातार 5 अर्धशतक जड़े।

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अनुभवी सलामी बल्‍लेबाज शिखर धवन ने चोटिल होने से पहले ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ मैच विनिंग शतकीय पारी खेली। धवन की अनुपस्थिति में केएल राहुल ने खुद को ओपनिंग के लिए तैयार किया। लेकिन टॉप ऑर्डर के अलावा मिडिल ऑर्डर और फिनिशर्स उम्‍मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके।

राहुल के बतौर सलामी बल्‍लेबाज उतरने के बाद टीम इंडिया में फिर चौथे नंबर पर बल्‍लेबाजी को लेकर समस्‍या खड़ी हो गई है। नतीजतन अब तक भारतीय टीम को चौथे नंबर पर कोई भरोसेमंद बल्‍लेबाज नहीं मिल सका है।

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विश्‍व कप के सेमीफाइनल में न्‍यूजीलैंड के खिलाफ शीर्ष क्रम के फेल होने के बाद मिडिल ऑर्डर की भी पोल खुल गई। इससे साफ हो गया कि मौजूदा मध्‍यक्रम भारतीय टीम को मुश्किल से नहीं निकाल सकता।

विश्‍व कप के बाद भारतीय टीम की नजर पहले मध्‍यक्रम की पहेली को सुलझाने पर लगी है। आइए जानते हैं उन 5 खिलाड़ियों के बारे में जो इस समस्‍या को हल कर सकते हैं:-

मनीष पांडेय

भारत की ओर से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पहला सैकड़ा जड़ने वाले मनीष पांडेय अंडर-19 वर्ल्‍ड कप में विराट कोहली की कप्‍तानी में खेल चुके हैं। उस विश्‍व कप के बाद से उन्‍हें विराट के बाद बेहद प्रतिभावान खिलाड़ी माना जाता रहा लेकिन टॉप ऑर्डर में स्‍टार खिलाडि़यों और कुछ अन्‍य युवा खिलाडि़यों के उभरने के बाद पांडेय को ज्‍यादा मौका नहीं मिला।

जब उन्‍हें मौका मिला तो उन्‍होंने उसे दोनों हाथों से लपकने में देर नहीं की। मनीष का वो मैच विनिंग शतक आज भी सबके जेहन में याद है जो उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ लगाई थी। भारत ने पहली बार ऑस्‍ट्रेलिया को उसी की धरती पर इतने बड़े लक्ष्‍य को हासिल करने में सफलता पाई थी। लेकिन इसके बाद दो आईपीएल सीजन खराब जाने के बाद उन्‍हें राष्‍ट्रीय टीम से बाहर कर दिया गया।

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हाल में मनीष ने वेस्‍टइंडीज दौरे पर इंडिया ए की ओर से शानदार प्रदर्शन किया है। जिसकी बदौलत उन्‍हें दोबारा सीनियर टीम में शामिल किया गया है। उनके पास काफी अनुभव है। ऐसे में उम्‍मीद की जानी चाहिए की पांडेय टीम इंडिया की लंबे समय से चले आर रहे चौथे नंबर की समस्‍या को हल करने में सफल होंगे।

श्रेयस अय्यर

श्रेयस अय्यर ने आईपीएल के 2015 सीजन में खूब सुर्खियां बटोरी। उन्‍हें ‘बेस्‍ट यंग इमर्जिंग प्‍लेयर’ अवॉर्ड से सम्‍मानित किया गया। उसके बाद से उनके करियर में काफी उतार-चढ़ाव आए। उन्‍हें नेशनल टीम में चुना गया और फिर ड्रॉप किया गया और फिर चुना गया।

जब गौतम गंभीर के बल्‍ले से रन नहीं निकल रहे थे तब आईपीएल टीम दिल्‍ली कैपिटल्‍स (DC)ने इस 23 वर्षीय खिलाड़ी को आईपीएल के मध्‍य में कप्‍तानी का जिम्‍मा सौंप दिया। उन्‍होंने अच्‍छा किया लेकिन खराब शुरुआत के कारण दिल्‍ली प्‍वाइंटस टेबल में सबसे निचले क्रम पर रही।

रिकी पोंटिंग और सौरव गांगुली के कोचिंग स्‍टाफ में जुड़ने के बाद से दिल्‍ली ने अच्‍छा प्रदर्शन किया खासकर श्रेयस ने। श्रेयस को इन दो दिग्‍गजों से काफी कुछ सीखने को मिला है।

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श्रेयस की कप्‍तानी में दिल्‍ली इस बार (2019) क्‍वालीफायर दो खेलने में सफल रही थी जहां चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स से उसे हार का सामना करना पड़ा था। श्रेयस ने 16 मैचों में 463 रन बनाए थे। मिडिल ऑर्डर में श्रेयस ने काफी अच्‍छी बल्‍लेबाजी की थी। विंडीज दौरे के लिए श्रेयस को सीनियर टीम में शामिल किया गया है। श्रेयस कैरेबियाई दौरे पर बेहतर प्रदर्शन कर मिडिल ऑर्डर की समस्‍या को सुलझाने को बेताब होंगे।

रिषभ पंत

यदि किसी की मानसिक तुलना युवराज सिंह जैसे खिलाड़ी से की जाती है तो समझना होगा कि उसमें कुछ जरूर कुछ खास है। दिग्‍गजों की मानें तो रिषभ विशेष प्रतिभा के धनी हैं। हालांकि उनमें जो एक चीज की कमी है वो शायद टेम्‍परामेंट है।

आईपीएल-2018 में पंत ने लगभग सभी बल्‍लेबाजों की जमकर धुनाई करते हुए कुल 684 रन बनाए थे। इसके बाद उन्‍हें टेस्‍ट में मौका मिला जहां उन्‍होंने किसी को निराश नहीं किया। पंत इंग्‍लैंड और ऑस्‍ट्रेलिया में एक कैलेंडर वर्ष में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बने।

विश्‍व कप के शुरुआती स्‍क्‍वॉड में पंत का चयन नहीं होने से दिग्‍गजों ने चयनकर्ताओं की जमकर आलोचना की थी। लेकिन शिखर धवन के अंगूठे में चोट के कारण उन्‍हें विश्‍व कप में मौका मिला लेकिन वो छाप नहीं छोड़ सके।

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21 वर्षीय पंत के पास अभी काफी समय है। वो जितना अधिक समय एमएस धोनी और विराट कोहली के साथ बिताएंगे वो उनके भविष्‍य और टीम के लिए अच्‍छा होगा। मिडिल ऑर्डर में वो एक मैच विनिंग बल्‍लेबाज साबित हो सकते हैं।

शुभम गिल और संजू सैमसन से भी है उम्‍मीदें

अंडर-19 विश्‍व कप (2018) में सबसे अधिक रन बनाने के बाद शुभमन गिल को आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) ने अपने साथ जोड़ा। दिग्‍गजों की मानें तो गिल आने वाले समय में टीम इंडिया के नए सुपरस्‍टार हो सकते हैं।

मौजूदा विंडीज दौरे के लिए चुनी गई टीम में सेलेक्‍टर्स ने अनुभव को तरजीह देते हुए गिल को बाहर रखा है। लेकिन वो दिन दूर नहीं जब वो जल्‍द ही टीम इंडिया के लिए खेलते हुए नजर आएंगे।

उधर, संजू सैमसन आईपीएल 2014 में सुर्खियों में आए थे। दिग्‍गज राहुल द्रविड़ ने भी इस खिलाड़ी की जमकर तारीफ करते हुए कहा था कि ये भारत के बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। इस वर्ष पंत, गिल और पृथ्‍वी शॉ जैसे युवाओं के आने से संजू भारतीय टीम में जगह बनाने के दावेदारों से बाहर हो गए।