Drastic change in pitches stopped us from improving your run rate, says Sarfraz Ahmed
सरफराज अहमद (AFP)

अंको के मामले में न्यूजीलैंड के साथ बराबरी पर होने के बावजूद खराब रन रेट की वजह से विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंचने से चूकी पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद ने इसके लिए बदलती पिच को जिम्मेदार ठहराया है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला मैच 7 विकेट से हारने के बाद पाक टीम लगातार रन रेट सुधारने के मौकों की तलाश में थी जो कि उसे अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में मिला। पाक कप्तान ने कहा, “हमारे दिमाग में ये बात थी कि रन रेट सुधारने का जो भी मौका मिले उसका पूरा फायदा उठाएं। हम अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में रन रेट सुधारना चाहते थे लेकिन पिच का बर्ताव काफी बदल गया। पिच धीमी हो गई, जिस वजह से मैच आखिरी ओवर तक गया।”

पाकिस्तान टीम के सामने सेमीफाइनल में पहुंचने का आखिरी रास्ता था-  बांग्लादेश को 300 से ज्यादा रन के अंतर से हारना। जो कि तभी मुमकिन होता जब पाक टीम 450-500 रन बनाती, जैसा की सरफराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था लेकिन बाद में उन्होंने अपना बयान स्पष्ट किया और बोला कि उन्होंने कभी भी 500 रन बनाने की बात नहीं की थी।

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7 जुलाई को लाहौर में मीडिया से बातचीत के दौरान पाकिस्तानी कप्तान ने कहा, “मैंने कभी नहीं था कि हम 500 का स्कोर बनाएंगे। असस में, मैंने कहा था कि हमें 500 रन बनाने के लिए और दूसरी टीम को 100 रन पर आउट करने के लिए चमत्कार की जरूरत होगी। मैदान से किसी ने मुझसे कहा ‘चलो सरफराज, हमें 500 रन बनाने हैं’ और मैंने कहा ‘ठीक है’।”

विश्व कप टूर्नामेंट में पाक खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर कप्तान ने कहा, “हम अपने टूर्नामेंट के पहले मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके, लेकिन मेजबान इंग्लैंड को हराकर हमने गति हासिल की। हमारे अगले मैच में देरी होने के कारण (बारिश की वजह से), श्रीलंका के खिलाफ मैच वॉशआउट होने के कारण, हमने वो गति खो दी और ये ऑस्ट्रेलिया और भारत के खिलाफ हमारे प्रदर्शन में साफ दिखा।”

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उन्होंने आगे कहा, “कुल मिलाकर प्रदर्शन अच्छा रहा। सबसे जूनियर गेंदबाज (शाहीन आफरीदी) ने 16 विकेट चटकाए। बाबर आजम ने अपना पहला विश्व कप खेलते हुए शानदार बल्लेबाजी की और एक शतक और अर्धशतक बनाया। एक टीम के रूप में, हमने एक बड़ी लड़ाई लड़ी, ये दुर्भाग्यपूर्ण था कि हम क्वालिफाई नहीं कर सके।”