इस साल कई दिग्गज खिलाड़ियों ने विपरीत परिस्थितियों में लिया संन्यास का फैसला।
इस साल कई दिग्गज खिलाड़ियों ने विपरीत परिस्थितियों में लिया संन्यास का फैसला।

साल 2016 जहां एक तरफ कई युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बनाई वहीं कुछ क्रिकेटर ऐसे थे जो अब क्रिकेट में मैदान पर नज़र नहीं आएंगे। इस साल कई दिग्गज खिलाड़ियों ने क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने फैंस को बड़ा झटका दिया। हालांकि यह सभी जानते हैं कि हर खिलाड़ी एक दिन क्रिकेट के मैदान को हमेशा के लिए छोड़ देगा लेकिन फिर भी अपने चहेते खिलाड़ी को आखिरी बार खेलते देखना किसी प्रशंसक के लिए एक पल में ही खुशी और दुख दोनों का अनुभव होता है। वहीं खिलाड़ियों के लिए भी यह क्षण कठिन होता है जब वह अपने कदम हमेशा के लिए मैदान से बाहर रखते हैं। यहां हम आपको बताएंगे उन क्रिकेटर्स के बारें में जिन्होंने 2016 में क्रिकेट को अलविदा कह दिया। ये भी पढ़ें: महेंद्र सिंह धोनी ने आज के दिन लिया था टेस्ट क्रिकेट से संन्यास

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बैंडन मैकुलम: इस सूची में सबसे पहला नाम है मेरे पसंदीदा क्रिकेटर्स में से एक बैंडन मैकुलम का। मैकुलम ने 2015 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में ही अपने संन्यास की घोषणा कर दी थी। अपने आखिरी वनडे मैच में मैकुलम ने शानदार पारी खेली और 39 गेंदों में 47 रन बनाए। यह मैच न्यूजीलैंड टीम 55 रनों से जीत था और सीरीज पर भी 2-1 से कब्जा किया था। मैकुलम हालांकि अपनी टीम को टी20 विश्वकप में नहीं खेल पाए थे लेकिन कीवी टीम ने यहां भी अच्छा प्रदर्शन किया था और सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। ये भी पढ़ें: साल 2016 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हासिल की बड़ी उपलब्धियां

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शिवनारायण चंद्रपॉल: वेस्टइंडीज के इस दिग्गज खिलाड़ी ने भी इस साल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। चंद्रपॉल ने टीम से बाहर किए जाने के सात महीने के बाद अपने संन्यास की घोषणा की। हालांकि वह अब भी प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलते हैं। घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लाजवाब है लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें लंबे समय तक टीम से बाहर रखा गया जिस कारण उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया। चंद्रपॉल टेस्ट क्रिकेट में ब्रॉइन लारा से केवल 86 रन पीछे हैं। लारा के नाम कुल 11,953 रन है वहीं चंद्रपॉल भी 11,867 रन के साथ रिकॉर्ड के करीब हैं। ये भी पढ़ें: साल 2016 में भारतीय गेंदबाजी के पांच सबसे यादगार पल

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डैरन सैमी: वेस्टइंडीज के कप्तान डैरन सैमी का संन्यास एक ऐसी घटना है जिस पर आज भी चर्चा हो रही हैं। सैमी ने जिस तरह अचानक ही फेसबुक के जरिए अपने संन्यास की घोषणा की वह बात किसी के भी गले नहीं उतरी है। उन्होंने इस वीडियो में कहा कि अब वह टी20 कप्तान नहीं है। बोर्ड के साथ इस 30 सेंकेंड के फोन कॉल के बाद चयनसमिति के अध्यक्ष ने उनसे कहा कि उनका प्रदर्शन सिलेक्शन के लायक नहीं है। टी20 विश्वकप जीत के बाद भी वेस्टइंडीज बोर्ड के इस तरह के बर्ताव की वजह से ही सैमी ने यह फैसला लिया था। टी20 विश्वकप विजेता कप्तान ने मैच के बाद बोर्ड द्वारा खिलाड़ियों के प्रति लापरवाही का जिक्र खुलेआम कर दिया। सैमी ने वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के साथ आंतरिक मामलों पर कई बार झगड़े किए। सैमी के संन्यास के बाद भी वेस्टइंडीज बोर्ड के रवैये में कुछ खास बदलाव नहीं आया है। ये भी पढ़ें: साल 2016 में क्रिकेटरों द्वारा किए 10 सबसे खास ट्वीट

शेन वॉटसन: इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया एशेज सीरीज 2015 के बाद शेन वॉटसन का टेस्ट करियर खत्म हो चुका था। साथ ही उसी साल सितंबर में वॉटसन ने अपने वनडे से संन्यास की घोषणा भी कर दी। वॉटसन ने भारत ने आयोजित टी20 विश्वकप में भी भाग लिया था। हालांकि ऑस्ट्रेलिया इस लीग के पहले राउंड से ही बाहर हो गई थी।

तिलकरत्ने दिलशान: श्रीलंका के इस दिग्गज बल्लेबाज ने भी इस साल संन्यास का ऐलान किया। अच्छी फॉर्म के बावजूद भी बोर्ड के युवा खिलाड़ियों को जगह देने के लगातार दबाव के बाद दिलशान ने आखिरकार संन्यास ले लिया। ऑस्ट्रेलिया के साथ घरेलू वनडे सीरीज के बाद दिलशान ने संन्यास की घोषणा की। दिलशान के संन्यास के बाद उनके सबसे बेहतरीन शॉट दिल स्कूप को दर्शक बहुत याद करेंगे।

रंगना हैराथ: कहना भले ही थोड़ा अजीब लगे लेकिन यह बात सच है कि इस श्रीलंकाई स्पिनर का सीमित ओवर क्रिकेट के संन्यास लेना एक तरह से सही साबित हुआ। रंगना हैराथ के वनडे से संन्यास लेने के बाद टेस्ट में उनका घातक रूप देखने को मिला। हैराथ के आगे ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज भी बेबस नज़र आए और श्रीलंका ने यह सीरीज 3-0 से जीती। साथ ही उन्होंने इस साल जिम्बांबे दौरे पर टीम का कप्तानी भी संभाली। ये भी पढ़ें: ये हैं साल 2016 के शीर्ष 10 बेहतरीन वनडे गेंदबाज

ग्रांट इलिओट: न्यूजीलैंड के इस ऑलराउंडर ने 2015 विश्वकप में उम्दा प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया था। लेकिन टी20 विश्वकप से पहले उन्होंने ऐलान किया कि अब वह वनडे नहीं खेलेंगे। इसके बाद से ही उन्हें न्यूजीलैंड टीम में खेलते नहीं देखा गया है।

रवि रामपॉल: 2015 विश्वकप के लिए चुनी गई वेस्टइंडीज टीम में रवि रामपॉल का नाम नहीं था। इसके बाद रवि ने सर्रे के साथ काउंटी क्रिकेट की डील साइन कर ली। जिसके बाद वेस्टइंडीज राष्ट्रीय टीम में उनका करियर अपने आप खत्म हो गया।

रिचर्ड लेवी: लेवी के नाम आज भी सबसे तेज टी20 शतक का रिकॉर्ड है जो उन्होंने सिर्फ 45 गेंदों में लगाया था। रिचर्ड लेवी ने नॉर्थेम्पटनशाइर के साथ काउंटी क्रिकेट की डील साइन कर अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर को अलविदा कहा।

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लक्ष्मीपैथी बालाजी: इस साल क्रिकेट से संन्यास लेने वाले खिलाड़ियों में अकेले भारतीय हैं लक्ष्मीपैथी बालाजी। लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर बालाजी ने इस साल सितंबर में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। वह अब एक मैंटोर के रूप में घरेलू क्रिकेट से जुड़े हैं।

जीरोम टेलर: भारत के खिलाफ सीरीज के लिए टीम से बाहर किए जाने के तुरंत बाद जीरोम टेलर ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। टेलर सीमित ओवरों में अब भी वेस्टइंडीज के लिए खेलते हैं।

जेम्स टेलर: टेलर के संन्यास की घोषणा इस साल की सबसे दुखद सूचना थी। जेम्स टेलर को खराब फॉर्म या इंजरी के कारण नहीं बल्कि गंभीर बीमारी के कारण क्रिकेट से दूर होना पड़ा। टेलर अब कमेंटेटर की भूमिका में क्रिकेट से जुड़े रहते हैं।

रयॉन कैम्पबेल: ऑस्ट्रेलिया के लिए साल 2002 में दो वनडे खेलने वाले कैम्पबेल ने आईसीसी टी20 विश्वकप 2016 में हांगकांग टीम की तरफ से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की। उन्होंने इसी साल फरवरी में घरेलू क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी।